देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने देहरादून की छात्रा रिया मल्ला तथा राजस्थान के सीकर निवासी छात्र उमेश की दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दोनों परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि ये घटनाएं केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं हैं, बल्कि देश की प्रतिस्पर्धी परीक्षा व्यवस्था और युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव से जुड़े गंभीर प्रश्न भी खड़े करती हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा, सफलता की अनिवार्यता और भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी परीक्षा या परिणाम से अधिक महत्वपूर्ण एक छात्र का जीवन और उसका मानसिक संतुलन है। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में लेने तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए प्रभावी परामर्श व्यवस्था, मनोवैज्ञानिक सहायता और तनाव प्रबंधन तंत्र को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनकी पीड़ा में सहभागी है। इस बीच, उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दे का स्वागत करते हुए कहा कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
उनका कहना है कि विद्यार्थियों को सकारात्मक मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए व्यापक नीति तैयार की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में राहुल गांधी के इस वक्तव्य को युवाओं की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाने वाला महत्वपूर्ण हस्तक्षेप माना जा रहा है।
