देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं पारदर्शी बनाने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है, उनका समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी प्रकार की समस्या सामने आए, वहां अधिकारी स्वयं फील्ड विजिट कर बीएलओ के साथ समन्वय बनाते हुए मौके पर समाधान करें।
बैठक में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों ने विधानसभावार प्रगति की समीक्षा की। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में अभियान को विशेष फोकस के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैध दस्तावेजों के आधार पर ही मतदाता सत्यापन एवं मैपिंग की जाए तथा वर्ष 2003 की एसआईआर प्रति, परिवार रजिस्टर और अन्य अभिलेखों का मिलान कर प्रत्येक प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों से माइक्रो लेवल प्लान के अनुसार निर्धारित समयसीमा में पुनरीक्षण कार्य पूरा करने और किसी भी पात्र मतदाता का सत्यापन लंबित नहीं रहने देने के निर्देश दिए। बैठक में बीएलओ स्तर पर जारी कार्य, नोटिस वितरण और 100 से अधिक नोटिस वाले मतदान केंद्रों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके बाद अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की संयुक्त अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
जोगदंडे ने राजनीतिक दलों से बूथ स्तर पर अभियान में सक्रिय सहयोग देने और अधिक से अधिक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की सभी 10 विधानसभा सीटों में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है। कुल 11.90 लाख प्रारूप मतदाताओं में से 3.95 लाख से अधिक अभिलेखों में विसंगतियां हैं, जबकि 1.52 लाख मतदाताओं की मैपिंग शेष है।
कुल 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, जिनमें से 3.91 लाख से अधिक को नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों और कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें। बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड के अतिरिक्त निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेजों के आधार पर भी दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी ईआरओ को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने तथा निर्वाचन संबंधी प्रत्येक समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
