देहरादून: फिक्की फ़्लो उत्तराखण्ड के वार्षिक प्रमुख आयोजन फ़्लो बाज़ार 2026 – द वेडिंग एडिट का शुभारंभ आज देहरादून के मालसी स्थित द सॉलिटेयर फार्म्स में हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया। इस अवसर पर फिक्की फ़्लो उत्तराखण्ड की चेयरपर्सन तृप्ति बेहल, पूर्व चेयरपर्सन कोमल बत्रा, पूर्व चेयरपर्सन एवं नेशनल गवर्निंग बॉडी सदस्य नेहा शर्मा, सीनियर वाइस चेयरपर्सन मीनाक्षी सोती, वाइस चेयरपर्सन स्मृति बत्ता, सचिव हरप्रीत मारवाह, कोषाध्यक्ष मनीत सूरी, संयुक्त कोषाध्यक्ष श्रुति गुप्ता सहित संगठन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत करते हुए तृप्ति बेहल ने फ़्लो बाज़ार की परिकल्पना और महिला उद्यमियों, डिजाइनरों, शिल्पकारों तथा उभरते व्यवसायों को प्रोत्साहित करने की दिशा में संगठन के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, नए संपर्क स्थापित करने और व्यापक ग्राहक वर्ग तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि भरत सिंह चौधरी ने फिक्की फ़्लो उत्तराखण्ड की पहलों की सराहना की और आर्थिक विकास तथा सामुदायिक उत्थान में महिला उद्यमियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सतत व्यवसाय विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संगठन की प्रशंसा की। उद्घाटन के बाद उन्होंने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया, प्रदर्शकों से बातचीत की और उनके उत्पादों, रचनात्मकता तथा प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर भाजपा उत्तराखण्ड की प्रदेश सचिव नेहा जोशी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने प्रदर्शनी के स्टॉलों का भ्रमण कर प्रतिभागियों से संवाद किया और उनकी सहभागिता एवं प्रयासों के लिए उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान किए।
इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “फ़्लो बाज़ार जैसे मंच महिला उद्यमियों को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये महिलाओं को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने, ग्राहकों से जुड़ने और अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के अवसर प्रदान करते हैं।” कार्यक्रम की पहली शाम का प्रमुख आकर्षण ‘नवरंग’ रहा। मां दुर्गा के नौ रंगों से प्रेरित इस विशेष आयोजन में नारी शक्ति के विभिन्न स्वरूपों—साहस, आत्मविश्वास, गरिमा, दृढ़ता और विशिष्ट व्यक्तित्व—का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। ‘नवरंग’ के अंतर्गत महिलाओं की विविध उपलब्धियों और उनकी प्रेरणादायक यात्राओं को सम्मानित किया गया। इस पहल ने प्रदर्शनी के उत्सवी माहौल में महिला सशक्तीकरण का विशेष रंग जोड़ा। समारोह के दौरान स्टाइल डीवा, ग्लैमर क्वीन, ट्रेलब्लेजर, शक्ति आइकन, फियरलेस फेम, इटरनल शक्ति, इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईवनिंग, पावरहाउस वुमन और ग्रेस एंड ग्रांडेअर जैसे विशेष सम्मान प्रदान किए गए। इन उपाधियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और प्रेरणादायक योगदान को सराहा गया।
फ़्लो बाज़ार 2026 में आगंतुकों के लिए शादी-विवाह, त्योहारों और जीवनशैली से जुड़ी खरीदारी के विविध विकल्प उपलब्ध हैं। प्रदर्शनी को और आकर्षक बनाने के लिए फेस पेंटिंग, पोटली पर्स को अपनी पसंद के अनुसार सजाने, परफ्यूम बनाने और पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग जैसी रोचक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। 16 और 17 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित हो रही यह दो दिवसीय प्रदर्शनी फैशन, आभूषण, सौंदर्य, लाइफस्टाइल, उपहार, विवाह संबंधी सेवाओं और रचनात्मक अनुभवों को एक ही छत के नीचे लेकर आई है। यह आयोजन दूनवासियों के लिए शादी और त्योहारों की खरीदारी का एक विशेष एवं आकर्षक केंद्र बनकर उभरा है। प्रदर्शनी के दूसरे दिन, 17 अक्टूबर को ‘उत्तराखण्ड एस ए वेडिंग डेस्टिनेशन: द बिजनेस ऑफ वेडिंग्स’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। इसमें विवाह पर्यटन की संभावनाओं और उत्तराखंड को एक प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने से जुड़े व्यावसायिक अवसरों पर चर्चा होगी।
दूसरे दिन उत्तराखण्ड सरकार के पर्यटन विभाग की अपर निदेशक पूनम चंद, रीवा की राजकुमारी मोहिना कुमारी सिंह और फिक्की फ़्लो की राष्ट्रीय पूर्व अध्यक्ष डॉ. कुसुम अंसल सहित कई विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। दूसरे दिन का एक अन्य प्रमुख आकर्षण ‘ब्राइड्स ऑफ इंडिया – द सिग्नेचर वेडिंग फैशन वॉक’ होगा। इसमें फिक्की फ़्लो की सदस्य भारत के विभिन्न राज्यों की दुल्हनों के पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक करेंगी। यह विशेष प्रस्तुति देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, क्षेत्रीय परिधानों और भारतीय विवाह परंपराओं की खूबसूरती को प्रदर्शित करेगी।

