टिहरी गढ़वाल: श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 पीताम्बर प्रसाद ध्यानी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय मुख्यालय में राज्य सरकार एवं भारत सरकार द्वारा जारी निर्देषों का पालन और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुये आज श्रीदेव सुमन जी की 106वीं जयंती मनायी गयी। जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारी एंव कर्मचारी उपस्थित रहे। सर्वप्रथम कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय में पहुंचकर श्रीदेव सुमन जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किये गये और दीपक प्रज्वालित कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।
तदोपरान्त विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों द्वारा भी श्रीदेव सुमन जी की मूर्ति पर श्रृद्धा सुमन अर्पित किये गये। माल्यार्पण और श्रद्धा सुमन अर्पण के पश्चात् कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुये ’’प्रथम श्रीदेव सुमन स्मृति व्याख्यान’’ का ऑनलाइन आयोजन किया गया। आनलाईन बैठक का शुभांरम्भ करते हुये विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 पी0पी0ध्यानी द्वारा बताया गया कि श्रीदेव सुमन जयन्ती को वृहद स्तर पर मनाने का कार्यक्रम प्रस्तावित था, किन्तु वर्तमान पस्थितियों के दृष्टिगत कार्यक्रम का आनलाईन आयोजित किया गया, उन्होने कहा कि श्रीदेव सुमन जयन्ती प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय में मनायी जायेगी।
कुलपति डा0 ध्यानी ने विश्वविद्यालय द्वारा श्रीदेव सुमन जी के नाम पर किये जा रहे कार्यो, श्रीदेव सुमन स्मृति व्याख्यान का आयोजन, उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को स्नातक स्तर पर पाठ्यक्रम में शामिल करना और उनकी जन्म स्थली ’’जौल गांव’’ को स्मार्ट गांव बनाना आदि के बारे में प्रतिभागियों को विस्तृत रूप से अवगत कराया। उन्होने घोषणा की कि विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओं को ’’श्रीदेव सुमन गोल्ड मेडल’’ से सम्मानित किया जायेगा।
डा0 ध्यानी ने कहा कि श्रीदेव सुमन जी का व्यक्तित्व व कृतित्व युगों-युगों तक पीढीयों को प्रेरित और गौरवान्वित करता रहेगा। श्रीदेव सुमन की जन्मस्थली जौल गांव के समग्र विकास हेतु उन्होने राज्य सरकार से अपेक्षा भी की। उन्होने बताया कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है तथा समय समय पर महान क्रान्तिकारियों ने इस धरती पर जन्म लेकर पर्वतीय क्षेत्र की गरिमा को बढाया है।
