टिहरी गढ़वाल: मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना को प्रोत्साहित करने तथा जनपद में व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित करने के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के अंतर्गत 16 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से स्व-गणना की जाएगी। इसके लिए नागरिक आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपने परिवार से संबंधित विवरण दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना के दौरान कुल 40 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे बाद में घर-घर जनगणना के दौरान गणनाकार को उपलब्ध कराना होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के सभी सरकारी कार्मिकों, जिनमें उपनल एवं आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कार्मिक भी शामिल हैं, की स्व-गणना अनिवार्य रूप से कराई जाए। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्षों की होगी। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी कार्मिकों की स्व-गणना सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी स्व-गणना के संबंध में जागरूक किया जाए, ताकि वे अपने अभिभावकों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकें।
उन्होंने नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों में विभिन्न वाहनों के माध्यम से जिंगल प्रसारित कर स्व-गणना का प्रचार-प्रसार किया जाए। निकायों के कार्मिकों एवं जनप्रतिनिधियों को भी स्व-गणना के लिए प्रेरित करते हुए उनके माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएं।
मुख्य विकास अधिकारी ने पंचायती राज विभाग, खंड विकास अधिकारियों को जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों, वार्ड सदस्यों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों से स्थानीय विधायकों के माध्यम से भी स्व-गणना के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया जितनी पहले पूरी होगी, मुख्य जनगणना के दौरान उतनी ही सुविधा रहेगी। सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग के अंतर्गत कार्मिकों को स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करें तथा प्रशिक्षण की अनुपालन आख्या उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि स्व-गणना करने वाले कार्मिकों के लिए प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया जाए और प्रक्रिया के दौरान जागरूकता संबंधी वीडियो भी तैयार किए जाएं, ताकि इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों को 15 नवंबर तक परीक्षण पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया का अभ्यास करने के लिए भी कहा। उन्होंने बताया कि स्व-गणना के बाद 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित निर्धारित जानकारी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्व-गणना में आमजन की सक्रिय भागीदारी से जनसंख्या गणना की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में एडीईएसटीओ धारा सिंह ने पीपीटी के माध्यम से जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना की प्रक्रिया, इसके महत्व एवं निर्धारित प्रश्नों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी केशव गैरोला, नगर पालिका के प्रधान सहायक मनोज राणा, टैक्स कलेक्टर संतोष जबकि वर्चुअल माध्यम से समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

