रुड़की: मंगलवार को रुड़की में होरीबा भारत की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत कुल 16 विद्यार्थियों को होरीबा प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति तथा होरीबा भारत स्नातकोत्तर पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित किया गया। होरीबा प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति एवं पुरस्कार समारोह 17 मार्च, 2026 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की परिसर में आयोजित किया गया। होरीबा लिमिटेड, जापान की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी होरीबा भारत ने विभिन्न विभागों के 10 स्नातक विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता के सम्मान में एकमुश्त आंशिक शिक्षण शुल्क छूट प्रदान की। वर्ष 2023 में ‘साथ मिलकर आगे बढ़ें’ विषय के साथ प्रारंभ की गई यह छात्रवृत्ति योजना भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के मेधावी स्नातक विद्यार्थियों को निरंतर सहयोग प्रदान कर रही है।
इस वर्ष इस पहल का विस्तार करते हुए “होरीबा भारत स्नातकोत्तर पुरस्कार” के अंतर्गत 6 मेधावी स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को भी एकमुश्त पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के निदेशक प्रोफेसर के. के. पंत, होरीबा लिमिटेड, जापान के वरिष्ठ कॉरपोरेट अधिकारी एवं होरीबा भारत के अध्यक्ष डॉ. राजीव गौतम, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के संसाधन एवं पूर्व छात्र मामलों के अधिष्ठाता प्रोफेसर आर. डी. गर्ग तथा छात्रवृत्ति एवं पुरस्कार हेतु सीनेट समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया। यह दूरदर्शी पहल डॉ. राजीव गौतम के नेतृत्व में प्रारंभ की गई, जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान से सम्मानित हैं तथा होरीबा भारत के अध्यक्ष हैं।
इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ को कम करना तथा उन्हें अपनी शिक्षा पर पूर्ण ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे भारत के भावी नेतृत्व का सशक्त निर्माण हो सके। स्नातकोत्तर पुरस्कार का उद्देश्य भी विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करना तथा उनके विशिष्ट योगदान को मान्यता देना है। होरीबा भारत ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की में दो परियोजनाओं को भी प्रायोजित किया है, जिनके शीर्षक हैं – “कार्बन डाइऑक्साइड एवं मीथेन का उच्च प्रदर्शन कार्बन में रूपांतरण” तथा “शक्ति उपकरणों के लिए गैलियम नाइट्राइड-हीरा अंतरापृष्ठ का फॉनॉन बैंड गैप अभियांत्रिकीकरण”। इस सहयोग के उपलक्ष्य में प्रोफेसर के. के. पंत, डॉ. राजीव गौतम, प्रोफेसर आर. डी. गर्ग, प्रोफेसर विवेक मलिक, प्रोफेसर रमेश चंद्र तथा प्रोफेसर कोमल त्रिपाठी ने समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।
प्रोफेसर के. के. पंत ने सभी पुरस्कार विजेताओं को उनकी प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी तथा उन्हें निरंतर उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षण संस्थान को सदैव स्मरण रखने और अवसर मिलने पर संस्थान को योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने होरीबा भारत का इन परियोजनाओं के समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया। डॉ. राजीव गौतम ने अपने शिक्षण संस्थान के प्रति योगदान देने की अपनी भावना व्यक्त करते हुए बताया कि इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2023 में ‘होरीबा भारत प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति’ की शुरुआत की, जो 2024, 2025 और 2026 तक निरंतर जारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को होरीबा भारत में प्रशिक्षण के अवसरों के लिए भी प्रोत्साहित किया।
प्रोफेसर आर. डी. गर्ग ने इस निरंतर पहल के लिए होरीबा भारत के प्रति आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के सफल पूर्व छात्रों से प्रेरणा लेते हुए उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
इस समारोह में होरीबा भारत के प्रतिनिधि सुश्री कनिका ठाकुर, कॉरपोरेट संचार प्रमुख, श्री अनुराग चौबे, ब्रांडिंग प्रबंधक, सुश्री सोनिका श्रीवास्तव, मीडिया प्रकोष्ठ प्रभारी, तथा संसाधन एवं पूर्व छात्र मामलों कार्यालय और छात्रवृत्ति एवं पुरस्कार समिति कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
