टिहरी गढ़वाल: गंगा बेसिन में अपशिष्ट जल प्रबंधन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए “गंगा पल्स पब्लिक पोर्टल”(Ganga Pulse Public Portal) को सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया है। यह पोर्टल उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) का रियल-टाइम डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर दिखाता है।
इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य है—
✔ अपशिष्ट जल उपचार की निगरानी
✔ प्रदूषण नियंत्रण में पारदर्शिता
✔ नमामि गंगे मिशन को और अधिक प्रभावी बनाना
पोर्टल(Ganga Pulse Public Portal) पर प्रत्येक एसटीपी साइट के लिए चार प्रमुख मानकों के आंकड़े दिखाए जाते हैं:
- pH (अम्लता/क्षारीयता)
- BOD (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड)
- COD (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड)
- TSS (टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स)
विशेष बात यह है कि यह Ganga Pulse Public Portal इन सभी मानकों की रीडिंग इनलेट (प्रवेश बिंदु) और आउटलेट (निकास बिंदु) दोनों स्थानों से दिखाता है। इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि उपचार से पहले और बाद में पानी की गुणवत्ता में कितना सुधार हुआ है।
“गंगा पल्स पब्लिक पोर्टल”(Ganga Pulse Public Portal) के लिए यहाँ क्लिक करें – https://www.gangapulse.in/public.
गंगा पल्स पब्लिक पोर्टल पर्यावरण संरक्षण, जल गुणवत्ता निगरानी और गंगा संरक्षण से जुड़े प्रयासों को मजबूत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रियल-टाइम डाटा की उपलब्धता से जनता और प्रशासन दोनों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
